बच्चों के लिए 5 रोचक हिंदी कहानियाँ ! Kids Story in Hindi

बच्चों के लिए हिंदी कहानियों का जादू अपूर्व है। ये कहानियाँ उनके मनोबल को नहीं बढ़ाती ही, बल्कि उनकी दुनिया को भी सजाने और विकसित करती हैं। हिंदी कहानियों की मागी की तरह वे बच्चों की जिंदगी में मानवता, संवादनशीलता, और सिख छोड़ती हैं। इन Kids Story in Hindi के माध्यम से, बच्चे न केवल एक रोचक कथा सुनते हैं, बल्कि उन्हें मोरल शिक्षा, भाषा कौशल, और सोचने की क्षमता की ओर बढ़ने का मौका मिलता है।

Kids Story in Hindi

इन हिंदी Kids Story in Hindi के माध्यम से, बच्चे अपनी भाषा कौशल को सुधारते हैं, अपने मानसिक विकास को बढ़ते हैं, और नैतिक मूल्यों को समझते हैं। ये कहानियाँ उनकी जिंदगी में एक नई दिशा प्रदान करती हैं और उनके मन की धड़कन बढ़ाती हैं।

इसलिए,

इन Kids Story in Hindi के माध्यम से, बच्चे न केवल एक रोचक कथा सुनते हैं, बल्कि उन्हें मोरल शिक्षा, भाषा कौशल, और सोचने की क्षमता की ओर बढ़ने का मौका मिलता है।का जादू उनके जीवन में एक बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, और उन्हें आपके बच्चों के साथ साझा करने का मौका मिलता है।

बच्चों के लिए हिंदी कहानियों के फायदे (Benefits of Kids Story in Hindi )

1.भाषा कौशल को बढ़ावा !

हिंदी कहानियाँ बच्चों के भाषा कौशल को बढ़ावा देती हैं। जब वे कहानियाँ सुनते हैं और पढ़ते हैं, तो उनकी शब्दावली बढ़ती है और वे बेहतरीन वाचन और लेखन कौशल विकसित करते हैं।

2.संज्ञानात्मक विकास को बढ़ावा !

हिंदी कहानियों के माध्यम से बच्चे नए और रोचक विचार प्राप्त करते हैं। वे कहानियों के कारकों के साथ जुड़कर समस्याओं का समाधान ढूंढते हैं, जिससे उनका संज्ञानात्मक विकास होता है।

3.नैतिक मूल्यों का शिक्षण!

हिंदी कहानियाँ नैतिक मूल्यों का महत्वपूर्ण संदेश देती हैं। वे बच्चों को अच्छे और बुरे कर्मों के बारे में सिखाती हैं और उन्हें सही और गलत के बीच अंतर समझाती हैं। इसलिए, हिंदी कहानियाँ बच्चों के विकास के लिए एक अद्वितीय और महत्वपूर्ण साधना होती हैं।

बच्चों के लिए 5 रोचक हिंदी कहानियाँ (5 Engaging Kids Story in Hindi

)

1.चालाक खरगोश – “The Clever Rabbit”

बहुत समय पहले की बात है, एक घने जंगल में एक बड़ा ही चालाक खरगोश रहता था। उसके बड़े ही चतुराई से वो जंगल का राजा था।

एक दिन, वह खरगोश जंगल के किसी और हाथी के साथ बात कर रहा था। उसने हाथी से कहा, “मेरे भाई, मैं तुम्हें दिखा सकता हूँ कि मैं तुमसे तेज हूँ।” हाथी चौंक कर उसे देखता है और कहता है, “तुम हां करके दिखाओ, लेकिन ध्यान रहे, अगर तुमने मेरे साथ कोई छल किया तो तुम्हारा परिणाम बहुत बुरा हो सकता है।” खरगोश यह सुनकर हां कर देता है और बाग दौड़ता है। हाथी उसके पीछे-पीछे बड़े ही धैर्य से जा रहा है। खरगोश तब एक छोटे से पेड़ के नीचे पहुँचता है और वहां एक छुट्टी छिपी हुई देखता है। वह छुट्टी में चुपकर बैठ जाता है। हाथी वहां पहुँचता है, लेकिन वह छुट्टी के पास नहीं जा सकता है, क्योंकि छुट्टी बहुत ही छोटी होती है और हाथी के सिर पर नहीं जा सकती। खरगोश हाथी की असमर्थता का फायदा उठाता है और बगीचे की ओर दौड़ता है। हाथी देख कर चौंक जाता है और सोचता है, “यह खरगोश सचमुच चालाक है।” खरगोश अपनी चतुराई से हाथी को परास्त कर देता है और जंगल का नया राजा बन जाता है।

इस कहानी से हमें यह सिखने को मिलता है कि चालाकी और समझदारी किसी भी मुश्किल को पार कर सकती है, चाहे आपका साइज छोटा क्यों न हो।

2.शेर और चूहा – “The Lion and the Mouse”

कहीं बहुत पुराने समय की बात है, एक घने जंगल में एक भयानक शेर रहता था। शेर का जबरदस्त जवाना और उसकी आत्मविश्वास से दूसरे प्राणियों में डर फैला हुआ था।

एक दिन, शेर गहरी नींद में सो रहा था, जब एक छोटा सा चूहा उसके पास आया। चूहा शेर की शक्ति का आदर करता था, लेकिन उसका भी दिल बड़ा था। चूहा शेर के करीब गया और उसके कानों में चिल्लाते हुए बोला, “भगवान की कसम, राजा शेर, कृपया मुझे माफ कर दें! मैं आपकी गलती का दंड भुगतने को तैयार हूँ।”

शेर ने हंसते हुए चूहे की बात सुनी और उसे बचाने का निर्णय किया। वह चूहे की प्राणी भलाई के लिए अपनी ताकद से एक जगह से दूसरी जगह ले जाता है।

कुछ समय बाद, शेर जंगल में फंस जाता है और जाल में फंसा हुआ होता है। उसकी गर्दन में जाल फंसा है जिससे वह बहुत परेशान होता है। अन्य प्राणियाँ उसकी मदद नहीं करना चाहतीं, लेकिन उसी समय, वही चूहा आता है और शेर की मदद करता है। चूहा जाल की धारिता को काट देता है और शेर बच जाता है।

शेर चूहे से बहुत प्रभावित हो जाता है और उसकी बदलती भलाई को देखकर समझता है कि हर किसी का सामर्थ्य और महत्व है, चाहे वह छोटा हो या बड़ा।

इस कहानी से हमें यह सिखने को मिलता है कि छोटे से छोटा प्राणी भी बड़े से बड़े जीवों की मदद कर सकता है, और हर किसी को सम्मान दिलाना चाहिए, चाहे वह कितना भी छोटा क्यों न हो।

3.बोलने वाला तोता – “The Talking Parrot”

सुंदर शहर में एक आदमी एक तोते को पालतू पक्षी के रूप में रखता था। यह तोता काफी अद्वितीय था क्योंकि वह बोल सकता था।

इस शहर में तोते का एक विशेष प्रशंसक हुआ करता था, जिसका नाम राजू था। राजू रोज़ तोते के पास जाता और उसके साथ समय बिताता। वह तोते से बात करके खुश हो जाता और तोता भी खुश होता था क्योंकि वह किसी से बात करने का अवसर पाता।

एक दिन, तोता राजू से बोला, “राजू, मुझे जंगल में एक गहना मिला है। यह बहुत ही संवादनशील और स्वर्णिम है। तू मुझे जंगल ले जा सकता है क्या?”

राजू खुश हो जाता है और तोते के साथ जंगल जाता है। जंगल में, तोता राजू को गहना दिखाता है, लेकिन यह गहना केवल पानी के बर्तन का होता है। तोता जोर-जोर से हंसता है और कहता है, “राजू, मैंने तुझे चुना बनाया! मैं जितना अद्वितीय बोल सकता हूँ, तुझे बनाकर तूने मेरे साथ मजाक किया!”

राजू भी हँसता है और तोते के साथ वापस शहर लौटता है। वह समझ जाता है कि तोते की बुद्धिमत्ता और चतुराई ने उसके साथ मजाक किया और उसे हँसाया।

इस कहानी से हमें यह सिखने को मिलता है कि हँसी और मजाक किसी के दिल को छू सकते हैं और हमें अपने दोस्तों और पालतू पशुओं के साथ अच्छे संबंध बनाने की कोशिश करनी चाहिए।

4. जादुई दिपावली:

एक समय की बात है, एक छोटे से गांव में एक छोटा सा बच्चा रहता था, जिसका नाम अर्जुन था। अर्जुन बच्चा बहुत ही समझदार और उत्साही था। वह अपने गांव के सभी लोगों के दिलों में प्यारा था।

एक बार दिपावली के मौके पर, गांव के सभी लोग अपने-अपने घरों को सजाने का आयोजन कर रहे थे। सभी घर रंग-बिरंगे दीपों से जगमगा रहे थे। अर्जुन ने भी अपने घर को सजाने का निश्चय किया।

अर्जुन के पास कुछ धन नहीं था, लेकिन उसमें विश्वास था। उसने अपनी माँ से कुछ पैसे मांगे और बाजार में जाकर दीपक, मिठाई, रंग-बिरंगी पताखे आदि खरीदे।

रात के समय, अर्जुन ने अपने घर के चारों ओर दीपों की रौनक से सजावट की। जब वह सब तैयार हो गया, तो उसने एक जादुई दीपक भी तैयार किया। जब उसने उस जादुई दीपक को जलाया, तो वह अचानक चमकने लगा और सभी दीपक खुद-ब-खुद जलने लगे।

गांववाले हैरान होकर उस जादुई दीपक की ओर देखने लगे। अर्जुन की माँ भी हैरान होकर उसके पास आई और पूछा, “बेटा, यह कैसे हुआ?”

अर्जुन हंसते हुए बोला, “माँ, मैंने इस दीपक में प्यार और आत्मविश्वास जला दिया।”

इस कहानी से हमें यह सिखने को मिलता है कि हमें अपने अंदर के विश्वास को कभी हार नहीं मानना चाहिए। जब हमारी मेहनत और आत्मविश्वास मिलता है, तो हर कठिनाई पार की जा सकती है।

5.सोनू की बचत: सोनू एक बहुत ही समझदार और जिम्मेदार बच्चा था।…

सोनू एक बहुत ही समझदार और जिम्मेदार बच्चा था। उसके माता-पिता ने उसे बचपन से ही बचत करने की आदत डाली थी।

जब सोनू को पैसों की जरूरत होती, तो वह अपनी माता से पैसे मांगने की बजाय खुद ही बचत की दिशा में कदम बढ़ाता। वह हर महीने अपनी माता के दिए गए जीवन की नियमित बचत करता और अपनी किताबों की खरीददारी भी इसी से करता।

सोनू के दोस्त हंसते-हंसाते उसकी बचत की आदतों को उलट देते थे, लेकिन सोनू अपने मकसद से पलटने का नाम नहीं लेता था। वह जानता था कि बचत करने से उसका भविष्य बेहतर बन सकता है।

जब सोनू बड़ा होकर कॉलेज जा रहा था, तो उसके पास काफी बचत हो गई थी। उसने उस बचत की सहायता से अपने शिक्षा के लिए जरूरी किताबें और फीस जमा की।

सोनू की यह बचत उसके जीवन को साहसी और स्वावलंबी बनाने में मदद करी। यह कहानी हमें यह सिखाती है कि बचत करना हमारे जीवन को सुरक्षित और सामृद्धि से भर देता है, और हमें संयमित खर्च करने की आदत डालना महत्वपूर्ण है।

Hindi Story with Moral

story for kids in hindi

शीर्षक: “गुब्बारे की सफलता”

एक समय की बात है, एक छोटे से गाँव में राजू नामक एक छोटे बच्चे रहता था। राजू बहुत ही उत्साही और सहज हृदय वाला था। उसका प्रिय खेल गुब्बारे बनाना था।

एक दिन, राजू ने सोचा कि वह एक ऐसा गुब्बारा बनाएगा जो सबसे बड़ा होगा। उसने अपने दोस्तों को बुलाया और उन्हें अपने नए योजना के बारे में बताया।

राजू ने सभी को मिलकर मिल जुल कर काम करने का प्रस्ताव दिया। सब ने खुशी-खुशी स्वीकार किया और गुब्बारे बनाने का काम शुरू हो गया।

वे लोग अलग-अलग रंगों और आकृतियों के गुब्बारे बना रहे थे। राजू ने अपने दोस्तों से कहा, “हमें सबसे बड़ा गुब्बारा बनाना है।”

दिनों की मेहनत के बाद, गुब्बारे का सबसे बड़ा और सुंदर गुब्बारा बना। राजू और उसके दोस्त ने मिलकर गुब्बारे को उड़ान भरने का सोचा।

वे सभी लोग गुब्बारे को ऊपर उड़ान भरने के लिए कहते हैं, “हे गुब्बारा, हमारी ताक़त और संघर्ष को दिखा, तू हमेशा ऊपर उड़ता रहे।”

गुब्बारा ऊपर उड़ान भरते ही सभी ने राजू को बधाई दी। वे खुशी के साथ एक-दूसरे को गले लगा रहे थे।

इस कहानी से हमें यह सिखने को मिलता है कि जब हम मिलकर मेहनत करते हैं और एक दूसरे का साथ देते हैं, तो हम सब कुछ पा सकते हैं। राजू ने अपने संघर्षों के बावजूद अपने सपने को पूरा किया और उसने दिखाया कि संयुक्तता में बड़ी शक्ति होती है।

गुब्बारे की सफलता के बाद, राजू और उसके दोस्तों को एक नया उत्साह और साहस मिला। उन्होंने तय किया कि वे अब हर महीने एक छोटे से बच्चों के गाँव में गुब्बारे बनाकर उन्हें बाँटेंगे।

राजू ने अपने दोस्तों से कहा, “हमें बच्चों को मनोरंजन और सिखाने का मौका देना है। गुब्बारे के माध्यम से हम उन्हें साझा करेंगे कि मिलकर कुछ करने से हमारी शक्ति बढ़ती है।”

उन्होंने गुब्बारे बनाने का कार्य शुरू किया और गाँव के बच्चों को बुलाया। गुब्बारे बनाने का कार्यक्रम बहुत ही प्रिय बन गया और बच्चे बड़े उत्साह से भाग लिए।

राजू ने गुब्बारे उड़ाने के लिए सभी बच्चों को साथ मिलकर कहा, “गुब्बारा ऊपर उड़ान भरते हैं, और हमें भी अपने लक्ष्यों की ऊँचाइयों को हासिल करने के लिए साथ मिलकर काम करना होगा।”

बच्चे ने समझा कि उन्हें नहीं सिर्फ गुब्बारे बनाना सिखाया जा रहा है, बल्कि इसका सीधा संदेश भी है कि मेहनत, साहस, और साझेदारी से किसी भी मुश्किल को पार किया जा सकता है।

गुब्बारे की ऊँचाइयों में बच्चों को नई ऊँचाइयों की ओर बढ़ने की प्रेरणा मिली और उन्होंने अपने सपनों की पूर्ति के लिए मेहनत और उत्साह से काम करना शुरू किया।

इस रूप में, गुब्बारे की सफलता ने न केवल राजू और उसके दोस्तों को बल्कि पूरे गाँव को एक नई ऊर्जा और संबंध का अहसास किया। इसका सबसे बड़ा सीख है कि साझेदारी और मेहनत से हर कठिनाई को पार किया जा सकता है।

इस रूप में, गुब्बारे की सफलता ने न केवल राजू और उसके दोस्तों को बल्कि पूरे गाँव को एक नई ऊर्जा और संबंध का अहसास किया। इसका सबसे बड़ा सीख है कि साझेदारी और मेहनत से हर कठिनाई को पार किया जा सकता है।

share this ;

Leave a Comment